प्रतिज्ञापत्र/नियम

 

संस्थान के प्रत्येक छात्रवृत्ति धारक को नैतिक रूप से प्रतिज्ञापत्र / नियमों से बंधित होना होगा जो इस प्रकार हैं:

संस्थान के छात्रवृत्ति धारक इससे सहमत हैं कि अपनी शिक्षा पूरी करने के पश्चात एवं व्यावसायिक रोज़गार प्राप्त करने के पश्चात, संस्थान को या अन्य किसी परोपकारी संगठन का, जिसके समान उद्देश्य हों, उस राशि या उससे अधिक राशि जो छात्रवृत्ति धारक को संस्थान से प्राप्त हुई है, से लाभान्वित करेंगे। यह सहायता कुछ चुने हुए परोपकारी संस्थानों को उनके उद्देश्यों की पूर्ति के लिए, वित्तीय दान के रूप में या स्वैच्छिक सेवा प्रदान करके की जा सकती है ।

छात्रवृत्ति धारकों द्वारा किये गए सभी परोपकारी कार्यों का लेखा जोखा संस्थान के पास रखा जायेगा तथा संस्थान की वेबसाइट पर भी प्रकाशित किया जायेगा। संस्थान के संस्थापक एवं निदेशक मंडल आशा करते हैं कि प्रत्येक छात्रवृत्ति धारक “देने की भावना” से ओत प्रोत होगा एवं अपने जीवन काल में परोपकारी कार्य करेगा ताकि यह कार्य आगे भी जारी रह सके, जैसे तालाब में एक छोटा सा पत्थर फेंकने पर चारों ओर अनगिनत लहरें उठती है, जो किनारों को छूती है ।